किस किस को मिले परमेश्वर
🥁 *किस किस को मिले कबीर परमेश्वर?* *जीवा तथा दत्ता (तत्वा) को शरण में लेकर, उनका उद्धार करना।* 📝एक समय की बात है। गुजरात के अंदर एक भरुच शहर है। भरुच शहर में मंगलेश्वर नामक गाँव है। उस गाँव के साथ में नर्मदा नदी एक स्थान को दो हिस्से करके टापू बनाती है। आज से लगभग 550 (साढ़े पांच सौ) वर्ष पहले वहां एक शुक्ल तीर्थ नाम का गाँव बसा हुआ था। उसमें तीस-चालीस घर थे। उस गाँव में जीवा और तत्वा नाम के दो ब्राह्मण भाई रहा करते थे। उन्होंने संतों के सत्संग सुने। जो वास्तव में संत होते हैं, वे यही कहा करते हैं कि पूरे संत के बिना जीव उद्धार नहीं होगा। इन अधूरे गुरुओं के चक्कर में मनुष्य शरीर बर्बाद हो जाएगा। फिर न जाने कब और कौन से युग में मानव शरीर प्राप्त होगा? तब तक यह प्राणी चौरासी में चक्कर काटता रहेगा। मनुष्य शरीर का मिलना कोई बच्चों का खेल नहीं है। इसको ऐसे ही गवां देना, यह कोई समझदारी नहीं है। अब उन दोनों भाइयों ने फैसला किया कि बात तो ज्यों की त्यों है कि यह मनुष्य शरीर का मिलना कोई बार-बार नहीं होता। यदि इससे सत भक्ति न हुयी तो इसकी को...