Kabir is god
सन्तो की शिक्षा
www.jagatgururampalji.org
वीडियो को देखने के लिए लिंक को किल्क
करे
दुख भरे जीवन को सुखमय बनाइए पढ़िए जीने की राह पुस्तक बिल्कुल निशुल्क मंगाने के लिए इस वाट्सप नंबर 7496801825 पर हमें आपका पूरा नाम पता व नम्बर भेजें
अधिक जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर देख सकते है
एक गांव का यक्ति पहली बार श्री नानक देव जी के पास गया
उसने देखा कि सन्त जी मायूस अवस्था मे एकांत में बैठे थे उस आदमी ने सत नाम वाहे गुरु बोला श्री नानक जी ने भी उत्तर दिया भोजन करवाया ज्ञान विचार सुनाए वह यक्ति चलागया एक दिन फिर वही यक्ति आया और बोला महाराज
जी आप कभी खुश दिखाई नही देते क्या कारण है सन्त नानक जी ने कहा कि है भाई इस मृत्युलोक में सब नाशवान है पता नही किसकी जाने की बारी कब आजा ये इसलिए जिनके सिर पे मोत मंडरा रही हाउस व्यक्ति को नाचना गाना हँसी मजाक कैसे अच्छा लगेगा मूर्ख या नशे वाला व्यक्ति ही इस लोक में खुसी मनाता है जैसे एक व्यक्ति की पत्नी को विवाह के दस वर्ष पश्चात पुत्र हुआ उसके पैदा होने की खुसी में लडडु बनाये बेंड बाजे बजाए उदमस उतार दिया अगले वर्ष जन्म दिन को ही मृत्यु हो गई कहा तो जन्म दिन की खुसी की तैयारी थी कहा रोआ पीटी शुरू हो गई घर नरक बन गया अब मना लो खुसी वह व्यक्ति यह सच्चाई सुनकर कांप गया और बोला कि हे प्रभु आपकी बाते सत्य है परंतु क्या आप कभी खुसी नही मनाते श्री नानक जी ने उत्तर दिया मनाता हु जब मेरे शिष्य सत्संग सुनने आते हे साध संगत को देखकर मेरे को खुशी होती हैकि सब भक्ति पर लगे है कोई विचलित नही हुआ जब ये सत्संग सुनकर जाते है तो मायूसी छा जाती है कि कोई सिर फिरा इनको भर्मित करके परमात्मा से दूर न कर दे श्री नानक जी ने कहा ज्ञानहीन सन्तो ने फकीरी यनिंक्ति को कठिन बना दिया है वे पूर्ण मोक्ष मार्ग जानते नही भर्मित करने को गुरु बने है जो मीठी मीठी बातें बनाकर मेरे भक्तो को काल के जाल में ले जाते है इसलिए वे पुनः सत्संग में सब नही आते तो मुझे चिंता बनी रहती है सब आजाते है तो खुशी होती हे परन्तु हम नाचते गाते नही दिल मे महसूस करते हैं मोत को कभी नही भूलते कबीर जी ने कहा है एक सेठ एक दिन एक सन्त के आश्रम में गया सन्त की कृपा से उसको अच्छा लाभ हो गया वह सेठ सेव संतरे केले का बड़ा थैला भरकर गया सन्त जी ने एक टोकरे में डाल दिये जिसमे फल प्रशाद रखते थे सेठ दो दिन बाद गया तो टोकरा फलो से भरा था कुछ प्रशाद सन्त ने भक्तों को बाट दिया कुछ भक्त फल प्रशाद लाये वह टोकरे में डाल दिया सेठ ने सन्त से कहा कि महाराज आप फल क्यो नही खाते सन्त जी बोले कि मेरे को मोत दिखाई देती है इसलिए खाया नही जाता सेठ ने पुछा महाराज कब जा रहे हो संसार से सन्त जी बोले आज से चालीस वर्ष बाद मैरी मृत्यु होगी सेठ बोला है महाराज यू तो सबने मरना है फिर क्यो डरना यह भी कोई बातहुई इस तरह यो आम आदमी भी नही डरताआप क्या बात कर रहे जो सेठ जी दूसरे तीसरे दिन आये और इसी तरह की बात करे उस नगरी का राजा भी उस सन्त जी का भक्त था सन्त जी ने राजा से कहा की आपकी नगरी में किरोड़ीमल सेठ है चन्दन की लकड़ी की दुकान है उसको फाँसी की सजा सुना दो और एक महिने बाद चाँदनी चौदस को फाँसी का दिन रख दो जेल में सेठ की कोठरी में फलों की टोकरी भरी रहे तथा दुध का लोटा एक सेर का ब्रा रहे खाने की खीर हलवा पूरी बड़ी या सब्जी देना राजा ने आज्ञा का पालन किया जेल में सेठ जी को बीस दिन बन्द हुए हो गए निर्बल हो गया सन्त जेल में गया प्रत्येक बन्दी से मिला सेठ जी को देखकर सन्त ने पुछा कहा के रहने वाले हो क्या नाम है सेठ बोला है महाराज अपने पहचाना नही में किरोड़ीमल हु चंदन की दूकान वाला सन्त जी बोले अरे किरोड़ी मल तुम दुबले कैसे हो गए कुछ खाते पीते नही क्या अरे फलो की टोकरी भी भरी है दूध का लोटा भरा है थाली में हलवा खीर रखी है सेठ जी बोले है महाराज मोत की सजा सुना रखी है कसम खाकर कहता हूं कि में निर्दोष हु बचा लो महाराज मेरे छोटे छोटे बच्चे है सन्त जी बोले भाई मरना तो सभी को हे फिर क्यो डरना खा पीकर मौज कर सेठ जी ने सलाखों में से हाथ निकाल कर चरण पकड़ लिए बोला बचालो महाराज कुछ ना खाया पीया जाता चाँदनी चौदस दिखे से सन्त ने कहा सेठ किरोड़ीमल जैसे आज तेरे को चाँदनी चौदस को मृत्यु निशचित दिखाई दे रही है ऐसी प्रकार साधू सन्तो को अपनी चाँदनी चौदस दिखाई देती है चाहे चालीस वर्ष बाद हो
आप आध्यत्म ज्ञान हिन प्राणी मस्ती मरते हो और अचानक मोत ले जाती जे कुछ नही कर पाते ऐसे ही मुझे अपनी मृत्यु का दिन दिखाई देता है जो चालीस वर्ष बाद आना है इस कारण से खाना पीना ठीक ठीक ही लिया जाता है मस्ती मन में कभी नही आती परमात्मा की याद बनी रहती है आपकी ज्ञान की आँखे पर अज्ञान की पट्टी बंधी जो सत्संग में खोली जाती है जिसमे जीने की राह मिल जाती है मोक्ष प्राप्त होता है सन्त ने राजा से कहकर सेठ को बरी करवा दिया सेठ ने नाम लेकर कल्याण करवाया
ज्यादा जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर जाइये


Comments
Post a Comment