मानवता का उत्थान
मानवता से बढ़कर कोई सेवा नहीं है। मानव को हमेशा मानव मूल्यों का आदर कर समाज के दीन-हीन लोगों की सेवा करनी चाहिए। सोमवार को आदिवासी महिला उत्थान केन्द्र एवं नेहरु युवा केन्द्र के संयुक्त तत्वाधान में शास्त्री नगर स्थित सांता पब्लिक स्कूल में आयोजित स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि जस्टिस जुबेनाईल बोर्ड के सदस्य शंभु सिंह ने उक्त बातें कहीं। छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के प्रेरणास्रोत थे। उन्होंने कहा कि आज देश के युवाओं को स्वामी जी के आदर्शो को आत्मसात कर उसका प्रयोग देश हित में करने की जरुरत है। उन्होंने छात्रों से अपनी उर्जा देशहित में लगाने की बात कही। विशिष्ट अतिथि प्रो. भूषण महतो ने कहा कि स्वामी जी के बाल अवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि स्वामी जी के पिता वकील थे एवं स्वामी जी को भी पैसा कमाने के लिए वकील बनाना चाहते थे लेकिन इससे इतर स्वामी जी ने अपना घर-बार छोड़कर बेलूर मठ में राम कृष्ण परमहंस को आदर्श गुरु मानकर वहां रहना शुरू किया एवं पूरे देश का भ्रमण कर देश के हालात का जायजा लिया था। कहा कि स्वामी जी ने अपना संपूर्ण जीवन देश व मानव सेवा में समर्पित कर दिया था। कार्यक्रम के दौरान स्कूली छात्रों के बीच निबंध, भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के विजेता छात्रों को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक हेमंत कुमार, शिक्षिका सबिता कुमारी, जसिन्ता बेक, नोर्बट बेक, अतिम कुमारी सहित विद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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